₹40 हजार करोड़ के फ्रॉड केस में SC के सामने छलका अनिल अंबानी का दर्द, कहा- 'हो सकता हो मेरे साथ धोखा हुआ हो'

₹40 हजार करोड़ के फ्रॉड केस में SC के सामने छलका अनिल अंबानी का दर्द, कहा- 'हो सकता हो मेरे साथ धोखा हुआ हो'

जागरण

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ई दिल्ली। अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन से जुड़े 40 हजार करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग फ्रॉड मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही हैं। दोनों ही एजेंसियों ने इस मामले में अब तक 3 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क कर चुकी हैं।

इस मामले में अनिल अंबानी और उनके रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ जांच चल रही है। इस मामले में अब तक अनिल अंबानी की गिरफ्तारी नहीं हुई।

इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। अब उसी मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस सुनवाई में अनिल अंबानी ने अपनी दलील में कहा कि हो सकता हो मेरे साथ धोखा हुआ हो। उनकी तरफ से पेश हुए वरिष्ट अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ये बाते कहीं।

कपिल सिब्बल की दलीलों पर याचिकाकर्ता के वकील ने सवाल उठाया कि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में गंभीर आरोप होने के बावजूद अंबानी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि CBI और ED अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों के खिलाफ कई सारी जांचें कर रही हैं।

अनिल अंबानी ने SC में क्या दलीलें दीं?

अनिल अंबानी की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा- "मुझे दुख है। अभी तक इस पर संज्ञान नहीं लिया गया है। मेरे दोस्त के पास चार्जशीट कैसे है? अगर चार्जशीट दायर होती है, तो मैं अपना बचाव करूंगा। मैंने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी नहीं दी है। मेरे कहीं भी भाग जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। मैंने इस अदालत को एक वचन दिया है।"

उन्होंने अंबानी द्वारा पहले दिए गए उस वादे का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़कर नहीं जाएंगे।

सिब्बल ने यह भी कहा, "हो सकता है कि मेरे साथ धोखा हुआ हो।"

वहीं, इस पर SC की बेंच ने कहा कि वह किसी के दोषी या निर्दोष होने का फैसला नहीं कर रही है, बल्कि केवल यह सुनिश्चित कर रही है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

रिलायंस टेलीकॉम के खिलाफ दो FIR हैं दर्ज

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि SBI की शिकायतों पर रिलायंस टेलीकॉम के खिलाफ दो FIR दर्ज की गई हैं, जबकि कुल मिलाकर नौ नियमित मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से सात मामलों की जांच चल रही है और दो मामलों में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने आगे बताया कि जांच के दायरे में आए इन सात मामलों में कुल 27,337 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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