Air India में होगी छंटनी, जाएंगी नौकरियां? मिडिल ईस्ट संकट के बीच कंपनी ने दिया जवाब; कर्मचारियों से खास अपील

Air India में होगी छंटनी, जाएंगी नौकरियां? मिडिल ईस्ट संकट के बीच कंपनी ने दिया जवाब; कर्मचारियों से खास अपील

जागरण

जागरण

56m

Loading...

ई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली कंपनी एयर इंडिया (Air India) में छंटनी हो सकती है लेकिन अब शुक्रवार को हुई टाउनहॉल मीटिंग में कंपनी ने साफ कहा कि कंपनी फिलहाल छंटनी (Layoffs) के बारे में नहीं सोच रही है, साथ ही मीटिंग में ये भी कहा कि इस संकट के बीच कंपनी को अपने गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ेगी।

दरअसल, शुक्रवार को एयर इंडिया की टाउनहॉल मीटिंग हुई जिसमें कंपनी के Human Resource Officer रविंद्र कुमार जीपी ने हिस्सा लिया और कर्मचारियों की चिंताओं पर जवाब दिया। उन्होंने ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि कंपनी मुसीबत के दौर से जूझने के बावजूद किसी को नौकरी से नहीं हटाएगी। समाचार एजेंसी PTI से बातचीत के दौरान कुमार ने कहा, 'कंपनी में छंटनी की कोई आशंका नहीं है।'

इंक्रीमेंट और प्रमोशन पर फिलहाल रोक

हालांकि, मैनेजमेंट ने बताया कि कंपनी की खराब वित्तीय स्थिति के कारण हर साल होने वाले सैलरी इनक्रीमेंट कम से कम एक क्वाटर तक के लिए रोके जाएंगे। कुमार ने ये भी कहा कि एयरलाइन अंतिम वित्तीय वर्ष के लिए वेरिएबल सैलरी के साथ आगे बढ़ेगी और प्लान किए गए प्रमोशन जारी रखेगी।

खर्चे कम करने की अपील

एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों से गैर जरूरी खर्चों में कटौती करने और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी पर ध्यान देने की अपील की। इन कठिन समय में लागत पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हुए, विल्सन ने कर्मचारियों से विवेकाधीन खर्चों को निलंबित करने, जहां भी संभव हो दरों पर फिर विचार करने और गैर-जरूरी खर्चों को स्थगित करने का आग्रह किया। पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने कहा कि हमें बर्बादी और पैसे के गलत इस्तेमाल को पूरी तरह रोकना होगा।

वित्तिय संकट से जूझ रही है एयरलाइन

दरअसल, मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से एयरलाइन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टाटा ग्रुप की इस कंपनी को वहां के हालातों के कारण काम चलाने में काफी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। कई एयर स्पेस पर पाबंदी और महंगे जेट फ्यूल ने घाटे में चल रही एयरलाइन पर और दबाव डाल दिया है।

ये सब तब हो रहा है जब कंपनी खुद को सुधारने और मुनाफे में आने की कोशिश कर रही है। इस जंग की वजह से दुनिया भर के फ्लाइट रूट्स पर असर पड़ा है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चलाने वाली एयरलाइनों का तेल का खर्चा बहुत बढ़ गया है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Dainik Jagran