डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि भारत स्थापित वैश्विक विमान पट्टे के केंद्रों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करना चाहता, बल्कि उन्हें सहयोग करना चाहता है और देश सही पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि भारत तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागरिक उड्डयन बाजार है, लेकिन उद्योग में गति को देखते हुए यह निश्चित रूप से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बनने जा रहा है।
भारत का बड़ा बाजार
गिफ्ट सिटी में भारत विमान पट्टे और वित्तपोषण शिखर सम्मेलन 2.0 के उद्घाटन सत्र पर शुक्रवार को नायडू ने कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र इतनी तेजी से विकसित हो रहा है कि यह पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है और भारत द्वारा निर्मित पारिस्थितिकी तंत्र ना केवल देश बल्कि इसके आसपास के क्षेत्र को भी सक्षम बनाता है।
भारत का बाजार बड़ा है और भारत के चारों ओर के हर देश और क्षेत्र आज विमानन क्षेत्र में उछाल देख रहे हैं और वे भारत को विमानन में एक नेतृत्व के रूप में देखेंगे। नायडू ने कहा कि भारत विमानन उद्योग में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र भी बना रहा है।
पिछले वर्ष 3 नवंबर को भारत ने 5.3 लाख का सबसे अधिक घरेलू यात्री संख्या दर्ज की, जो एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और तब से यह हर दिन पांच लाख यात्रियों को पार कर रहा है। भारत का वाणिज्यिक बेड़ा 2027 तक 1,100 विमानों तक पहुंचने के लिए तैयार है और 2032 तक यह तीन गुना होकर 2,250 विमानों तक पहुंच जाएगा।
केंद्र सरकार के प्रयास
इससे यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन बाजार बनेगा। 2026 में भारत के यात्री परिवहन ने 191 मिलियन का आंकड़ा छू लिया, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्ग दोनों शामिल हैं।
केंद्र सरकार के सुधारों ने परिणाम दिखाए हैं और गिफ्ट आईएफसीआई अब दिसंबर 2025 तक 38 पंजीकृत विमान पट्टेदारों का घर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले या इसी महीने लक्षद्वीप में सीप्लेन संचालन भी शुरू होगा और भारत सीप्लेन पट्टे में लोगों के लिए एक बड़ा अवसर देखेगा।

