एनईपी के तहत केयू का बड़ा फैसला

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मशेदपुर (ब्यूरो)। कोल्हान विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति के तहत यूजी स्तर पर क्लस्टर बेस्ड पढ़ाई लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है. इसके तहत नए शैक्षणिक सत्र से जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में आर्ट्स और साइंस की पढ़ाई बंद हो जाएगी.

यहां अब केवल कॉमर्स संकाय की पढ़ाई होगी. विश्वविद्यालय ने यह फैसला राज्य सरकार के निर्देश के बाद लिया है. अधिसूचना की प्रति सभी कॉलेजों को भेज दी गई है और चांसलर पोर्टल से नामांकन प्रक्रिया भी इसी व्यवस्था के अनुसार संचालित होगी.विषयों का पुनर्गठननई व्यवस्था के तहत विषयों का पुनर्गठन शिक्षकों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर किया गया है. जिन कॉलेजों में संबंधित विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां से उन विषयों को हटाकर दूसरे कॉलेजों में स्थानांतरित किया गया है. विश्वविद्यालय का कहना है कि इससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा मिलेगी और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी की समस्या भी दूर होगी.एलबीएसएम में भूगोल व जियोलॉजीनई अधिसूचना के अनुसार भूगोल और जियोलॉजी विषयों की पढ़ाई अब केवल एलबीएसएम कॉलेज में होगी. वहीं चाईबासा महिला कॉलेज में साइंस की पढ़ाई बंद कर दी गई है. अब चाईबासा में सिर्फ टाटा कॉलेज में ही साइंस की पढ़ाई होगी. इसके अलावा जीसी जैन कॉलेज में केवल कॉमर्स की पढ़ाई संचालित होगी. अन्य कॉलेजों में कॉमर्स की पढ़ाई नहीं होगी.ड्रामा व थिएटर के लिए कॉलेज तयक्रिएटिव एंड आर्ट्स कोर्स के तहत ड्रामा और थिएटर विषयों की पढ़ाई को-ऑपरेटिव कॉलेज और एलबीएसएम कॉलेज में कराई जाएगी. विश्वविद्यालय का मानना है कि एक ही कॉलेज में विशेष विषयों की पढ़ाई केंद्रित करने से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे.पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स होंगे शुरूकोल्हान विश्वविद्यालय नए शैक्षणिक सत्र से कई पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स भी शुरू करने जा रहा है. इसमें स्नातक के साथ बीएड, बीपीएड और एलएलबी की पढ़ाई शामिल होगी. इसके अलावा योगा समेत कई नए विषयों की शुरुआत भी इसी सत्र से की जाएगी. विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि इससे छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा का लाभ मिलेगा.

सरकार के आदेशानुसार कॉलेजों को क्लस्टर में बांटा गया है. छात्रों की सुविधा और पुराने नामांकन को ध्यान में रखते हुए विषयों का आवंटन किया गया है. उन्होंने कहा कि नए सत्र में यूजी में नामांकन इसी नई व्यवस्था के अनुसार होगा.-डॉ. रंजीत कर्ण, कुलसचिव, केयू, चाईबासा

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