Cardiac Arrest: जिस शिक्षक से सीखा जीवनदान, उन्हीं की रुकी सांसों को छात्रों ने CPR देकर फिर से लौटाया

Cardiac Arrest: जिस शिक्षक से सीखा जीवनदान, उन्हीं की रुकी सांसों को छात्रों ने CPR देकर फिर से लौटाया

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Teacher Suffers Cardiac Arrest During CPR Class: अमेरिका में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जहां छात्रों को सीपीआर और हार्ट अटैक के लक्षण समझा रहे शिक्षक खुद अचानक कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो गए.

कुछ पल तक छात्रों को लगा कि यह क्लास का हिस्सा है, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि स्थिति सचमुच गंभीर हो चुकी है. चलिए आपको बताते हैं कि क्या है मामला.

क्या है मामला

The Washington Pos की रिपोर्ट के अनुसार, 72 वर्षीय कार्ल अर्प्स विस्कॉन्सिन के एपलटन स्थित फॉक्स वैली टेक्निकल कॉलेज में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन यानी ईएमटी की ट्रेनिंग दे रहे थे. क्लास के दौरान वह छात्रों को हार्ट अटैक और उससे जुड़ी इमरजेंसी स्थिति के बारे में समझा रहे थे. तभी अचानक उन्हें चक्कर आने लगे और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई. कुछ ही देर बाद वह बेहोश होकर गिर पड़े.

छात्रों को लगा मजाक

शुरुआत में छात्रों को लगा कि वह किसी मरीज की हालत का अभिनय कर रहे हैं, लेकिन छात्र लोगन लेहरर ने देखा कि कार्ल आर्प्स का हाथ अजीब तरह से मुड़ने लगा और उनका चेहरा बदल रहा था. उन्होंने बताया कि उन्हें खर्राटों जैसी आवाज वाली सांसें सुनाई दे रही थीं, पहले लगा कि शायद यह किसी नए लक्षण को समझाने का तरीका है, लेकिन करीब दस सेकंड बाद उन्हें महसूस हुआ कि यह असली मेडिकल इमरजेंसी है.

इसके तुरंत बाद छात्रों ने दूसरी प्रशिक्षक ट्रेसी ब्लॉन्डों को बुलाया. उन्होंने पहले कार्ल आर्प्स को सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन जल्दी ही समझ आ गया कि वह अभिनय नहीं कर रहे हैं. इसके बाद एक छात्र ने तुरंत 911 पर कॉल किया, जबकि बाकी छात्रों ने मिलकर उन्हें क्लास में मौजूद मॉक एम्बुलेंस से बाहर निकालकर फर्श पर लिटाया.

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छात्रों ने की मदद

इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया। जिन छात्रों को कुछ देर पहले तक सीपीआर सिखाया जा रहा था, वही छात्र अब अपने शिक्षक की जान बचाने में जुट गए. प्रशिक्षकों की निगरानी में छात्रों ने बारी-बारी से सीपीआर दिया और डिफिब्रिलेटर मशीन का इस्तेमाल किया. जब तक पैरामेडिक्स मौके पर पहुंचे, तब तक कार्ल आर्प्स की नब्ज वापस आ चुकी थी.

देखना बेहद डरावना अनुभव

लोगन लेहरर ने कहा कि किताबों में कार्डियक अरेस्ट के बारे में पढ़ना अलग बात है, लेकिन उसे अपनी आंखों के सामने होते देखना बेहद डरावना अनुभव था. उन्होंने कहा कि उस वक्त हर छात्र को अपना काम पता था और किसी ने घबराहट में गलती नहीं की. बाद में कार्ल आर्प्स की ट्रिपल बायपास सर्जरी हुई और सात दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई. उन्होंने छात्रों का धन्यवाद करते हुए कहा कि छात्रों ने बिल्कुल वैसा ही किया जैसा उन्हें सीपीआर क्लास में सिखाया गया था. फिलहाल वह तेजी से ठीक हो रहे हैं और कुछ महीनों बाद दोबारा काम पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं.

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Author : एबीपी लाइव

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