पटना। बिहार में निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार सुगमता में सुधार और पुराने कानूनों को समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में 'वि-विनियमन (Deregulation) 1.0 एवं 2.0' के तहत किए जा रहे सुधारों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में निर्देश दिया गया कि राज्य के सभी विभाग अपने कार्यक्षेत्र में अनावश्यक अनुपालन बोझ (Compliance Burden) को कम करें। 'Deregulation 2.0' के अंतर्गत चिन्हित सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया। बैठक में National Building Code for Sustainability (NBCS) 2026 के नए मानकों को राज्य के बिल्डिंग बायलॉज में शामिल करने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही शहरी नियोजन को आधुनिक बनाने के लिए Floor Area Ratio (FAR) नियमों को तर्कसंगत बनाने और सरकारी संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन हेतु Total Facility Management (TFM) मॉडल अपनाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विभिन्न स्वीकृतियों के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' और 'सेल्फ-सर्टिफिकेशन' व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए, ताकि मानवीय हस्तक्षेप कम हो और प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी बन सकें।
बैठक के दौरान अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए। विभागों से कहा गया कि वे ऐसे सभी नियमों, रिटर्न और रजिस्टरों की सूची तैयार करें जिन्हें समाप्त किया जा सकता है। लंबित सुधारों को अगले 15 कार्य दिवसों के भीतर पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा व्यावसायिक कानूनों के तहत छोटी तकनीकी चूकों के लिए कारावास जैसे प्रावधानों को हटाकर उन्हें अर्थदंड में बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया गया। जिन सुधारों में एक से अधिक विभाग शामिल हैं, वहां कैबिनेट सचिवालय विभाग को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि फाइलें लंबित न रहें।
सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को प्रत्येक शुक्रवार को प्रगति रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी समीक्षा सीधे मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा की जाएगी। बैठक में बिहार द्वारा अब तक किए गए सुधारों पर संतोष व्यक्त किया गया और राज्य को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर वित्त, उद्योग, नगर विकास, भवन निर्माण समेत कई विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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