West Bengal CM Announcement: पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल से पर्दा उठ गया है क्योंकि कोलकाता में जारी बीजेपी विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को पार्टी ने अपना नेता चुन लिया है और वे बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे, अमित शाह और मोहन चरण माझी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में उनके नाम पर मुहर लग गई है, अधिकारी कल यानी 9 मई को सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ' 'मैं पश्चिम बंगाल BJP विधायक दल के नेता के रूप में चुने गए सुवेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा करता हूं।' आपको बता दें कि अमित शाह को पश्चिम बंगाल में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था।
'श्यामा प्रसाद मुखर्जी जहां कहीं भी होंगे बहुत खुश होंगे'
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि '100 साल की वैचारिक यात्रा के बाद, BJP गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक हर जगह सत्ता में है। 1950 से, हमने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में यह यात्रा शुरू की है। आज, उनके अपने जन्मस्थान पर, 1950 के बाद, 2026 में, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सरकार बन रही है। जब अनुच्छेद 370 हटाया गया, तो पूरे देश में कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। लेकिन कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने मुझसे कहा कि अभी भी कुछ बाकी है, बंगाल में अभी BJP का झंडा फहराया जाना बाकी है। मेरा मानना है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जहां कहीं भी होंगे, वे पूरे दिल से PM मोदी के नेतृत्व को आशीर्वाद दे रहे होंगे'
पीएम मोदी भी होंगे शपथ ग्रहण में शामिल!
शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य स्तर पर आयोजित होगा, जिसमें भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया जाएगा और पीएम मोदी भी इसका हिस्सा बनेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ने बंगाल की 293 विधानसभा सीटों में से 207 सीटें जीतकर इतिहास रचा है। इस शानदार जीत से राज्य में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 वर्षों के शासन का अंत हो गया है।

15 साल बाद सीएम पद से हटाई गईं ममता बनर्जी
चुनावी नतीजों के सामने आने के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी लेकिन गुरुवार शाम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि के निर्देश पर पश्चिम बंगाल विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया, जिसके बाद, ममता बनर्जी की पंद्रह साल पुरानी सरकार संवैधानिक रूप से खत्म हो गई है। गर्वनर ने ये कदम संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत उठाया है, जिससे कि नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो।

